Thursday, 6 March, 2008

अपराधी और सिपाही

जानकर सिपाही को भोला,

अपराधी बोला -

हवलदार जी !

मूछें आपकी लच्छेदार जी !

अब तो आपने

पकड़  ही लिया है,

कानूनी शिकंजे में

जकड़ ही लिया है ।

ये जिन्दगी

अब आपकी जिन्दगी है,

लेकिन इस वक्त जरा

बीड़ी की तलब लगी है ।

हे डंडानाथ !

दो मिनट में बीड़ी ले आऊं

फिर चलता हूं आपके साथ।

 

सिपाही झल्लाया -

वाह क्या आइडिया परोसा !

 

अपराधी गिड़गिड़ाया -

आपको,

बिलकुल नहीं है भरोसा ?

 

सिपाही बोला -

बच्चू !

बीड़ी लेने जाएगा

ताकि हो जाये उड़न छू !

बेटा,

तेरे झांसे नें नहीं आऊंगा,

तू यहीं ठहर

बीड़ी लेने मैं जाऊंगा ।

2 comments:

Udan Tashtari said...

हा हा!! बढ़िया.. :)

Mired Mirage said...

हाहाहाहाहा ! क्या बात है ! बहुत बढ़िया ।
घुघूती बासूती