Wednesday, 5 March, 2008

शोले आईटी के जमाने में

गब्बर सिंह कालिया और दो अन्य डाकुओं को रामगढ़ लूटमार सोफ्टवेयर लेने के लिये भेजता है। वो रामगढ़ पहुंचते हैं और जोर से चिल्लाकर कहते हैं  "अबे ओ ठाकुर! कहां हौ वो लूटमार सोफ्टवेयर? आखिरी तारीख तो कब की निकल गई।"

ठाकुर [गुस्से से]: "चिल्लाओ मत! जाकर गब्बर से कह दो कि ठाकुर सोफ्टवेयर वालों ने पागल कुत्तों के लिये सोफ्टवेयर बनाना  बंद कर दिया है।"

कालिया: "बहुत गर्मी दिखा रहे हो ठाकुर? कोई लया प्रोग्रामर हॉयर किया है क्या?"

ठाकुर: "नजर उठा के देख, कालिया, तेरे सर पर पावरबिल्डर चल रहा है।"

कालिया नजर उठा कर देखता है कि वीरु कंप्यूटर पर पानी की टंकी के ऊपर काम कर रहा है और जय दूसरी ओर लैपटॉप पर।

कालिया हंसने लगता है और कहता है : "हा .. हा.... ठाकुर ने फ्रेशर को लिया है, ये लोग प्रोग्रामिंग करेंगे? इन को डोस कमांड (DOS commands) भी नहीं आते।"

वीरु चिल्लाता है : "चुप चाप चला जा कुत्ते । हम लोग कंसलटेंट हैं, कुछ भी कर सकते हैं।" 
जय कीबोर्ड पर हाथ चला कर कहता है : "जाओ कालिया,गब्बर से कहना कि उसका सर्वर डाउन हो गया।"


गब्बर के अड्डे पर ...

गब्बर: "कितने बग थे?"
कालिया: "दो सरकार।"

गब्बर: "वो दो! और तुम तीन,  फिर भी फिक्स नहीं कर सके? क्या सोचा कर आये हो? गब्बर बहुत खुस होगा? नया एसाइनमेंट देगा ... और इंक्रीमेंट भी? इसकी सजा मिलेगी... बरोबर मिलेगी।"

[सांबा से X-terminal छीनता है] "कितने सेशन हैं इस मशीन में?"

सांबा : "छै सरकार"

गब्बर: "सेशन छै और प्रोग्रामर तीन, बहुत नाइंसाफी है" [logout - logout - logout]. "हां अब ठीक है... अब तेरा क्या होगा, कालिया?"

कालिया "सरकार, मैंने आपका कोड लिखा था"

गब्बर: "तो अब डोक्यूमेटंटेशन कर!

1 comment:

Udan Tashtari said...

हा हा, बहुत खूब.. :)