Wednesday 16 April 2008

सास-बहू

  • नौकरानी ने अपनी मालकिन से कहा, मेमसाब गजब हो गया। पड़ोस की तीन औरतें आपका सास को पीट रही हैं। मालकिन नौकरानी के साथ बालकनी में आई और चुपचाप तमाशा देखने लगी। नौकरानी ने पूछा, आप मदद करने नहीं जायेंगी। मालकिन ने कहा - नहीं, तीन ही काफी हैं।
  • सासों की बैठक में एक सास कह रही थी - "पहले मुझे सास अच्छी नहीं मिली और अब बहू॑"
  • बहू का पहला और दूसरा अफेयर सुनने के बाद ससुर ने बहू को मारा । तीसरा और चौथा सुनने के बाद पति ने मारा । लेकिन सास चुप रही। क्यों?  क्योंकि सास भी कभी बहू थी।
  • बहू : मां जी, ये अभी नहीं आये,... कहीं किसी दूसरी लड़की के साथ ... सास  - अरे कलमुंही, तू हमेशा उल्टा क्यों सोचती है? ऐसा भी तो हो सकता है कि किसी ट्रक के नीचे आ गया हो।
  • मुहल्ले की सारी सासों ने पिकनिक का प्रोग्राम बनाया। एक बस में भरकर सारी सासें घूमने गईं। मुहल्ले में बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आने से कोहराम सच गया। सब रो रहे थे। सब दुखी थे। एक बहू बहुत जोर-जोर से रो रही थी। सबने दिलासा दिया तो वो और रोने लगी। काफी देर बाद उसने बताया कि उसकी सास लेट होने के कारण पिकनिक पर नहीं जा पाई थी।
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5 comments:

Udan Tashtari said...

आखरी वाला तो गजब धांसू है जी!! :)

yk said...

नेता जी कि याद अच्छा लगा

shanker kanojia said...

gajab hai ourten sas banne per bhi santush nhi - bahu banne per bhi nahi.

shanker kanojia said...

ourte ajb shakhshiyat hin

bahu banne par bhi khush nahi !
sas banne per bhi nahi. !

shanker kanojia said...

ourt bhi ajb shakhshaiyat hai !

bahu banne per bhi khush nahi !
sas banne per bhi nahi. !