Monday, 13 August, 2007

डाक्टर मरीज

एक महिला ने अपने एक सहयोगी से किसी अच्छे फिजीशियन के बारे में पूछताछ की। सहयोगी ने उन्हें अच्छे लेकिन मंहगे डाक्टर का नाम और पता दे दिया, जो एक बार की फीस के 500 रूपये लेता था, और दूसरी बार दिखाने के 100 रुपये लेता था। महिला थोड़ी चालाक थी वब डाक्टर के पास इलाज के लिये गई और कहा - डाक्टर साहब मैं यहां इलाज के लिये दूसरी बार आई हूं। डाक्टर भी कम चतुर नहीं था। उसने महिला की जांच की और कहा - अभी आप वही दवा जारी रखें जो मैंने आपको पिछली बार बताई थी




डॉक्टर (मरीज से)- तुम तो मामूली-सा पीठ दर्द बता रहे थे, लेकिन तुम्हारी तो धड़कन भी काफी बढ़ी हुई है। मरीज (डॉक्टर से)- जी, धड़कन तो दीवार पर लिखी आपकी फीस देखकर बढ़ी है।





नेता (डॉक्टर से)- 'डॉक्टर साहब कोई ऐसा इलाज कीजिए जिससे मेरा वजन ज्यादा हो जाए।' डॉक्टर (नेता से)- 'अरे ऐसा आप क्यों चाहते हैं'? नेता - 'बात यह है कि जल्दी ही मुझे चांदी से तौला जाने वाला है।'





लेडी डॉक्टर (चिंटू से)- तुम रोज सुबह क्लीनिक के बाहर खड़े होकर औरतों को क्यों घूरते हो? चिंटू (लेडी डॉक्टर से)- जी आप ही ने बाहर लिखा है औरतों को देखने का समय सुबह 10 से 12 ।





एक व्यक्ति लंबी उम्र के लिये डाक्टर से मिलने गया, और उसके लिये उपाय पूछने लगा - डाक्टर साहब, क्या लंबी उम्र पाने का कोई तरीका है? डाक्टर ने कहा - शादी कर लो। व्यक्ति ने पूछा - क्या इससे कोई मदद मिलेगी? डाक्टर - नहीं, लेकिन इसके बाद आप कभी लंबी उम्र की कामना नहीं करेंगे






डॉक्टर (सोहन से)- साहब आप अपनी बीवी के बारे में बिलकुल परेशान न हों। यों समझिए कि अस्पताल से आपके घर बिलकुल नई औरत जाएगी। सोहन (डॉक्टर से)- सच! मगर मेरी बीवी को पता चल गया तो?





डॉक्टर (मरीज से)- मैं आपको चार पुडि़या दे रहा हूं। एक पुडि़या रोज खानी है। मरीज (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब, इस बार पतले कागज में दीजिएगा, पिछली बार निगलने में बहुत तकलीफ हुई थी।





मरीज (वैद्य से)- वैद्य जी आपके यहां दवा बहुत महंगी हैं। क्या जड़ी-बूटी बहुत मुश्किल से मिलती हैं? वैद्य (मरीज से)- जड़ी-बूटी तो मिल जाती है, पर मरीज बहुत मुश्किल से मिलते हैं।





नेताजी (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब मेरी रिपोर्ट जरा मेरी ही भाषा में समझाने का प्रयास करें। डॉक्टर (नेताजी से)- तो सुनिए, मेरी रिपोर्ट के अनुसार आपका ब्लडप्रेशर घोटालों की तरह बढ़ रहा है, फेफड़े झूठे आश्वासन दे रहे हैं और हृदय त्यागपत्र देने वाला है।





मरीज (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब, मैं एक महीने से अस्पताल में भर्ती हूं। कम से कम मुझे मेरी बीमारी तो बताइए। डॉक्टर (मरीज से)- तुम्हें अपनी बीमारी की पड़ी है, मेरी समझ में नहीं आ रहा कि तुम से बिल किस बात का चार्ज करूं।

2 comments:

Mired Mirage said...

:) हाहा !
घुघूती बासूती

Udan Tashtari said...

बहुत खूब. हा हा!!! :)