Sunday, March 30, 2008

नेताजी की याद

एक महाविद्यालय में

नये विभाग के लिये

नया भवन बनवाया गया,

उसके उदघाटन के लिये

विद्यालय के एक पुराने छात्र

लेकिन नये नेता को

बुलवाया गया ।

 

अध्यापकों ने

कार के दरवाजे खोले

नेता जी उतरते ही बोले -

यहां तर गईं

कितनी ही पीढ़ियां,

अहा!

वही पुरानी सीढ़ियां।

वही पुराना मैदान

वही पुराने वृक्ष,

वही कार्यालय

वही पुराने कक्ष।

वही पुरानी  खिड़की

वही जाली,

अहा देखिये

वही पुराना माली।

 

मंडरा रहे थे

यादों के धुंधलके

थोड़ा और आगे गये चल के -

वही पुरानी

चिमगादड़ों की साउण्ड,

वही घंटा

वही पुराना प्लेग्राउण्ड ।

छात्रों में

वही पुरानी बदहवासी,

अहा वही पुराना चपरासी ।

नमस्कार, नमस्कार!

 

अब आया हॉस्टल का द्वार -

हॉस्टल में वही कमरे

वही पुराना खानसामा,

वही धमाचौकड़ी

वही पुराना हंगामा।

 

नेताजी पर

पुरानी स्मृतियां छा रहीं थीं,

तभी पाया

कि एक कमरे से

कुछ ज्यादा ही

आवाजें रही थीं।

उन्होंने दरवाजा खटखटाया,

लड़के ने खोला

पर घबराया ।

क्योंकि अन्दर एक कन्या थी

वल्कल-वसन-वन्या थी।

दिल रह गया दहल के

लेकिन बोला संभल के --

आइये सर

मेरा नाम मदन है,

इनसे मिलिये

मेरी कजन है।

 

नेता जी लगे मुस्कराने --

वही पुराने बहाने।

Tuesday, March 18, 2008

नशीली चाल

श्रीमान जी ने ज्यादा पी ली,
चाल हो गई नशीली।

देह को जैसे-तैसे उठाया
तो सबसे पहले काया
एक खम्बे से टकराई,
बोले --
माफ करना भाई!

फिर आया सार्वजनिक संडास,
टकराकर बोला --
माफ करना बॉस !

कदम फिर लड़खड़ाये,
तो लैटरबॉक्स से
जा टकराये।

आखिरी कोशिश में
पेड़ से भिड़े,
और वहीं गिर पड़े।
बोले-
अब रिस्क नहीं लूंगा,
ये भीड़ गुजर जाये तभी उठूंगा।

Monday, March 17, 2008

मुसीबत का देवदूत

एक आदमी एक बार सड़क पर जा रहा था कि उसने पीछे से एक आवाज सुनी, " अगर तुमने एक कदम भी आगे बढ़ाया तो एक ईंट तुम्हारे ऊपर गिरेगी और तुम मर जाओगे"
आदमी घबराकर एकदम से रुक गया और एक ईंट उसके सामने आकर गिरी। आदमी बहुत खुश हुआ। 
वह अपने रास्ते चल दिया और थोड़ी देर बाद वो एक चौराहे पर पहुंच कर सड़क पार करने लगा।
एक बार फिर जोर से आकाशवाणी हुई, "रुको! चुपचाप खडे रहो! अगर तुमने एक कदम भी बढ़ाया तो एक कार तुम्हें कुचल देगी  और तुम मर जाओगे"
आदमी ने घबराकर फिर से जैसा कहा गया था वैसा किया, तुरंत ही एक कोने से कार आई और उसको लगभग छूती हुई निकल गई। 
तब आदमी ने पूछा "तुम कौन हो?"
"मैं तुम्हें मुसीबतों से बचाने वाला देवदूत हूं। " आवाज ने जबाव दिया। 
"ओह, अच्छा?" आदमी ने आश्च्रर्य जताते हुआ कहा "लेकिन तुम तब कहां थे जब मेरी शादी हो रही थी"

Sunday, March 16, 2008

अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अधिवेशन

अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अधिवेशन,

भाग लेने आए कई नेशन।

अपनी प्रशंसा में

कोई पीछे नहीं रहा,

एक विदेशी प्रतिनिधि ने कहा-

चोरी होने के

चौबीस घंटे के अन्दर

हम चोर को पकड़ लेते हैं।

 

दूसरा बोला -

जनाब,

ज्यादा से ज्यादा

बारह घंटे में जकड़ लेते हैं।

 

तीसरा विदेशी बोला -

चोर को

हमारे यहां लाइये

हमें उसे

पकड़ने के लिये

सिर्फ

छ: घंटे चाहिये।

 

हमारे पुलिस प्रतिनिधि ने

थोड़ी देर तो सहा,

फिर मूंछों पर

ताव देकर कहा-

हमसे किसी मे

मुकाबला किया

तो पानी भरेगा,

क्योंकि,

हमारे यहां तो

चौबीस घंटे पहले ही

पता होता है कि

चोर कौन है

और कहां चोरी करेगा।

Saturday, March 15, 2008

पप्पू और अध्यापक

अध्यापक : पानी का रासायनिक फार्मूला क्या है?
पप्पू : "HIJKLMNO! "!!
अध्यापक : क्या कह रहे हो?
पप्पू : कल आप ही ने तो सिखाया था कि यह  H to O  है!

 

अध्यापक : पप्पू, नक्शे में से अमेरिका ढूंढ़ कर दिखाओ.
पप्पू : ये रहा!
अध्यापक : बिलकुल ठीक, अब बच्चों बताओ अमेरिका की खोज किसने की थी? 
कक्षा के बच्चे : पप्पू!


अध्यापक : पप्पू, एक ऐसा वाक्य बताओ जो कि "I" से शुरु होता हो.
पप्पू : I is...
अध्यापक : नहीं, पप्पू, हमेशा कहो  कि  "I am."
पप्पू: ठीक है... "I am the ninth letter of the English alphabet."

 

अध्यापक : कोई मुझे "संयोग" का उदाहरण बता सकता है?
पप्पू : "मास्साब, मेरे पिताजी और मां की शादी संयोग से एक ही दिन और एक ही समय हुई थी."

 

अध्यापक: "जार्ज वाशिंगटन ने अपने पिता का चेरी का पेड़ काट दिया और उसे कबूल भी लिया. क्या तुम बता सकते हो कि उनके पिता ने उनको फिर भी सजा क्यों नहीं दी?"
पप्पू : "क्योंकि जार्ज के हाथ में कुल्हाड़ी थी?"


पप्पू : पापा, क्या आप कभी मिस्त्र गये थे?
पापा : नहीं बेटा, लेकिन तुम पूछ क्यों रहे हो?
पप्पू: अगर आप नहीं गये तो फिर ये "मम्मी" आप कहां से लाये?


अध्यापक : मोजों की कितनी अजीब जोड़ी तुमने पहन रखी है, एक मोजा हरा है और दूसरा पीला है !
पप्पू: हां वाकई में ये अजीब बात है, ऐसी ही एक जोड़ी मेरे घर पर भी है.

 

अध्यापक : अच्छा पप्पू बताओ, तुम खाना खाने से पहले क्या प्रार्थना करते हो?
पप्पू: नहीं सर, मैं नहीं करता, क्योंकि मेरी मम्मी अच्छा खाना बनाती है.


अध्यापक : पप्पू, तुम्हारा "मेरा कुत्ता" पर निबंध बिलकुल तुम्हारे भाई के निबन्ध जैसा है. क्या तुमने नकल की है?
अध्यापक: नहीं सर, हमारा कुत्ता एक ही है !

 

अध्यापक: ऐसे आदमी को क्या कहते हैं, जो तब भी बोलता रहता है जबकि लोग उसका बोलना पसंद नहीं करते?
पप्पू: अध्यापक!